Author: Rahul Sankrityayan
Sone ki Dhal(सोने की ढाल)
"सोने की ढाल" Rahul Sankrityayan का एक रहस्य और रोमांच से भरपूर उपन्यास है। इसमें साहस, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और लोभ के परिणामों को रोचक घटनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह उपन्यास पाठक को आरंभ से अंत तक रोमांच और उत्सुकता से बाँधे रखता है।
कहानी का केंद्र एक अत्यंत मूल्यवान सोने की ढाल है, जिसे प्राप्त करने के लिए अनेक लोग प्रयास करते हैं। इस ढाल के कारण रहस्य, षड्यंत्र, संघर्ष और रोमांचक घटनाओं की श्रृंखला शुरू हो जाती है। कुछ पात्र धन और लालच के वशीभूत होकर छल और कपट का मार्ग अपनाते हैं, जबकि अन्य पात्र सत्य, साहस और विवेक के बल पर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। अनेक उतार-चढ़ाव, संकट और संघर्षों के बाद सत्य की विजय होती है तथा अपराधियों का वास्तविक चेहरा सामने आ जाता है।
राहुल सांकृत्यायन ने इस उपन्यास के माध्यम से यह संदेश दिया है कि धन और वैभव से अधिक मूल्यवान ईमानदारी, साहस और नैतिकता हैं। लालच मनुष्य को विनाश की ओर ले जाता है, जबकि सत्य, धैर्य और बुद्धिमत्ता अंततः सफलता दिलाते हैं।
"सोने की ढाल" का मुख्य संदेश यह है कि सच्ची विजय धन-संपत्ति में नहीं, बल्कि चरित्र, सत्यनिष्ठा और न्याय के मार्ग पर चलने में है। रहस्य, रोमांच और प्रेरक जीवन-मूल्यों का सुंदर समन्वय इस उपन्यास को राहुल सांकृत्यायन की उल्लेखनीय कृतियों में स्थान दिलाता है।
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ISBN : 978-93-7670-266-4
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Publication: Kitabking
Description:
"सोने की ढाल" Rahul Sankrityayan का एक रहस्य और रोमांच से भरपूर उपन्यास है। इसमें साहस, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और लोभ के परिणामों को रोचक घटनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह उपन्यास पाठक को आरंभ से अंत तक रोमांच और उत्सुकता से बाँधे रखता है।
कहानी का केंद्र एक अत्यंत मूल्यवान सोने की ढाल है, जिसे प्राप्त करने के लिए अनेक लोग प्रयास करते हैं। इस ढाल के कारण रहस्य, षड्यंत्र, संघर्ष और रोमांचक घटनाओं की श्रृंखला शुरू हो जाती है। कुछ पात्र धन और लालच के वशीभूत होकर छल और कपट का मार्ग अपनाते हैं, जबकि अन्य पात्र सत्य, साहस और विवेक के बल पर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। अनेक उतार-चढ़ाव, संकट और संघर्षों के बाद सत्य की विजय होती है तथा अपराधियों का वास्तविक चेहरा सामने आ जाता है।
राहुल सांकृत्यायन ने इस उपन्यास के माध्यम से यह संदेश दिया है कि धन और वैभव से अधिक मूल्यवान ईमानदारी, साहस और नैतिकता हैं। लालच मनुष्य को विनाश की ओर ले जाता है, जबकि सत्य, धैर्य और बुद्धिमत्ता अंततः सफलता दिलाते हैं।
"सोने की ढाल" का मुख्य संदेश यह है कि सच्ची विजय धन-संपत्ति में नहीं, बल्कि चरित्र, सत्यनिष्ठा और न्याय के मार्ग पर चलने में है। रहस्य, रोमांच और प्रेरक जीवन-मूल्यों का सुंदर समन्वय इस उपन्यास को राहुल सांकृत्यायन की उल्लेखनीय कृतियों में स्थान दिलाता है।
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