Author: Suryakant Tripathi Nirala
Apsara(अप्सरा)
"अप्सरा" Suryakant Tripathi 'Nirala' का प्रथम उपन्यास है। इसमें प्रेम, सौंदर्य, आदर्शवाद, सामाजिक विषमता और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। निराला ने इस उपन्यास के माध्यम से तत्कालीन समाज की रूढ़ियों, वर्गभेद और नैतिक मान्यताओं पर विचारोत्तेजक दृष्टि प्रस्तुत की है।
उपन्यास की मुख्य पात्र कनक एक अत्यंत सुंदर, शिक्षित और संवेदनशील युवती है, जो एक प्रसिद्ध नर्तकी (वेश्या) की पुत्री है। समाज उसके जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से नहीं देखता। दूसरी ओर राजकुमार एक आदर्शवादी, शिक्षित और राष्ट्रप्रेमी युवक है। दोनों के बीच प्रेम उत्पन्न होता है, किंतु सामाजिक बंधन, वर्गभेद और रूढ़िवादी मान्यताएँ उनके संबंधों में अनेक बाधाएँ उत्पन्न करती हैं। अनेक संघर्षों और मानसिक द्वंद्वों के बाद दोनों यह सिद्ध करते हैं कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, गुण और आचरण से आँका जाना चाहिए।
उपन्यास का मुख्य संदेश यह है कि प्रेम, मानवता और चरित्र सामाजिक ऊँच-नीच से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। निराला ने स्त्री-सम्मान, सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा का समर्थन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि समाज को जन्म-आधारित भेदभाव और रूढ़ियों से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान देना चाहिए।
"अप्सरा" हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण उपन्यास है, जो प्रेम, आदर्शवाद और सामाजिक सुधार की भावना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करता है।
Stock In
₹ 200.00
₹249
Inclusive of all taxes
ISBN : 978-93-7670-077-6
-
1
Warranty
-
1 Guarantee
-
COD Avilable
-
Returnable
-
cancelable
Publication: Kitabking
Description:
"अप्सरा" Suryakant Tripathi 'Nirala' का प्रथम उपन्यास है। इसमें प्रेम, सौंदर्य, आदर्शवाद, सामाजिक विषमता और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। निराला ने इस उपन्यास के माध्यम से तत्कालीन समाज की रूढ़ियों, वर्गभेद और नैतिक मान्यताओं पर विचारोत्तेजक दृष्टि प्रस्तुत की है।
उपन्यास की मुख्य पात्र कनक एक अत्यंत सुंदर, शिक्षित और संवेदनशील युवती है, जो एक प्रसिद्ध नर्तकी (वेश्या) की पुत्री है। समाज उसके जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से नहीं देखता। दूसरी ओर राजकुमार एक आदर्शवादी, शिक्षित और राष्ट्रप्रेमी युवक है। दोनों के बीच प्रेम उत्पन्न होता है, किंतु सामाजिक बंधन, वर्गभेद और रूढ़िवादी मान्यताएँ उनके संबंधों में अनेक बाधाएँ उत्पन्न करती हैं। अनेक संघर्षों और मानसिक द्वंद्वों के बाद दोनों यह सिद्ध करते हैं कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, गुण और आचरण से आँका जाना चाहिए।
उपन्यास का मुख्य संदेश यह है कि प्रेम, मानवता और चरित्र सामाजिक ऊँच-नीच से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। निराला ने स्त्री-सम्मान, सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा का समर्थन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि समाज को जन्म-आधारित भेदभाव और रूढ़ियों से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान देना चाहिए।
"अप्सरा" हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण उपन्यास है, जो प्रेम, आदर्शवाद और सामाजिक सुधार की भावना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करता है।
Submit a Review
0 Review Of Product Apsara(अप्सरा)