Author: Acharya Chatursen
Goli - गोली
आचार्य चतुरसेन शास्त्री की रचना "गोली" एक सशक्त ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यास है, जो राजस्थान की रियासतों में प्रचलित क्रूर परंपराओं, विशेषकर "गोलियों" की करुण गाथा को उजागर करता है। यह उपन्यास उन स्त्रियों की पीड़ा को स्वर देता है जिन्हें समाज ने मात्र वस्तु समझा और उनके अस्तित्व को कभी मान्यता नहीं दी। इसकी नायिका चंपा बचपन से ही एक परंपरा की बंधक रही उसे रानी की तरह पाला गया, पर उसका जीवन कभी उसका अपना न हो सका। ऐश्वर्य और रियासती वैभव के बीच भी वह आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और पहचान के लिए संघर्ष करती रही।
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ISBN : 9789389245554
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Publication: Divyansh Publications
Description:
आचार्य चतुरसेन शास्त्री की रचना "गोली" एक सशक्त ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यास है, जो राजस्थान की रियासतों में प्रचलित क्रूर परंपराओं, विशेषकर "गोलियों" की करुण गाथा को उजागर करता है। यह उपन्यास उन स्त्रियों की पीड़ा को स्वर देता है जिन्हें समाज ने मात्र वस्तु समझा और उनके अस्तित्व को कभी मान्यता नहीं दी। इसकी नायिका चंपा बचपन से ही एक परंपरा की बंधक रही उसे रानी की तरह पाला गया, पर उसका जीवन कभी उसका अपना न हो सका। ऐश्वर्य और रियासती वैभव के बीच भी वह आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और पहचान के लिए संघर्ष करती रही।