Author: Premchand
Prem Manjusha(प्रेम मंजूषा)
प्रेम मंजूषा मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है। इस संग्रह में समाज की वास्तविक समस्याओं, मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और जीवन-संघर्ष का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। प्रेमचंद ने अपनी सरल, सहज और यथार्थवादी शैली के माध्यम से ग्रामीण जीवन, निर्धनता, सामाजिक विषमता, पारिवारिक संबंधों तथा मानवीय करुणा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है।
इस संग्रह की कहानियों में ईमानदारी, परिश्रम, त्याग, प्रेम, दया, न्याय और मानवता जैसे आदर्शों को प्रमुखता दी गई है। पात्र सामान्य समाज से लिए गए हैं, जिनके माध्यम से लेखक ने शोषण, अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव, गरीबी और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला है। प्रत्येक कहानी पाठक को जीवन का कोई न कोई नैतिक संदेश देती है और समाज के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा प्रदान करती है।
प्रेम मंजूषा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि मानव जीवन की सच्चाइयों और सामाजिक यथार्थ का दर्पण भी है। इसकी कहानियाँ पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती हैं तथा यह विश्वास जगाती हैं कि सत्य, सदाचार और मानवीय संवेदनाएँ ही समाज को बेहतर बना सकती हैं।
संदेश: यह कहानी-संग्रह सिखाता है कि प्रेम, ईमानदारी, करुणा और नैतिकता ही मनुष्य के सबसे बड़े गुण हैं। सामाजिक समानता, मानवता और न्याय के मार्ग पर चलकर ही एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।
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ISBN : 978-93-7670-544-3
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Publication: Kitabking
Description:
प्रेम मंजूषा मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है। इस संग्रह में समाज की वास्तविक समस्याओं, मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और जीवन-संघर्ष का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। प्रेमचंद ने अपनी सरल, सहज और यथार्थवादी शैली के माध्यम से ग्रामीण जीवन, निर्धनता, सामाजिक विषमता, पारिवारिक संबंधों तथा मानवीय करुणा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है।
इस संग्रह की कहानियों में ईमानदारी, परिश्रम, त्याग, प्रेम, दया, न्याय और मानवता जैसे आदर्शों को प्रमुखता दी गई है। पात्र सामान्य समाज से लिए गए हैं, जिनके माध्यम से लेखक ने शोषण, अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव, गरीबी और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला है। प्रत्येक कहानी पाठक को जीवन का कोई न कोई नैतिक संदेश देती है और समाज के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा प्रदान करती है।
प्रेम मंजूषा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि मानव जीवन की सच्चाइयों और सामाजिक यथार्थ का दर्पण भी है। इसकी कहानियाँ पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती हैं तथा यह विश्वास जगाती हैं कि सत्य, सदाचार और मानवीय संवेदनाएँ ही समाज को बेहतर बना सकती हैं।
संदेश: यह कहानी-संग्रह सिखाता है कि प्रेम, ईमानदारी, करुणा और नैतिकता ही मनुष्य के सबसे बड़े गुण हैं। सामाजिक समानता, मानवता और न्याय के मार्ग पर चलकर ही एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।
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