Author: Suryakant Tripathi Nirala
Nirala ki Sampurna Kahaniyan(निराला की संपूर्ण कहानियाँ)
निराला की संपूर्ण कहानियाँ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा लिखित सभी प्रमुख कहानियों का संग्रह है। इस संग्रह में समाज की वास्तविक समस्याओं, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक विषमताओं, नारी-जीवन, गरीबी, शोषण और मानवीय संघर्ष का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। निराला ने अपनी कहानियों में यथार्थवाद, करुणा और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया है।
इस संग्रह की कहानियों में साधारण पात्रों के माध्यम से असाधारण जीवन-संघर्ष को दर्शाया गया है। लेखक ने जाति-पाँति, ऊँच-नीच, रूढ़ियों, आर्थिक असमानता और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं पर तीखा प्रहार किया है। उनकी कहानियों के पात्र कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान, सत्य, मानवता और नैतिक मूल्यों का पालन करने का प्रयास करते हैं। निराला की भाषा सरल, संवेदनशील और प्रभावपूर्ण है, जिससे उनकी रचनाएँ पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करती हैं।
यह संग्रह केवल कहानी-साहित्य का संकलन नहीं, बल्कि उस समय के भारतीय समाज का सजीव दस्तावेज़ भी है। इसमें लेखक की प्रगतिशील दृष्टि, मानवीय करुणा और सामाजिक सुधार की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
संदेश: निराला की संपूर्ण कहानियाँ का मूल संदेश है कि समाज में समानता, मानवता, न्याय और आत्मसम्मान की स्थापना ही वास्तविक प्रगति का आधार है। मनुष्य को जाति, वर्ग और रूढ़ियों से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा और नैतिकता के मार्ग पर चलना चाहिए।
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ISBN : 978-93-7670-827-7
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Publication: Kitabking
Description:
निराला की संपूर्ण कहानियाँ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा लिखित सभी प्रमुख कहानियों का संग्रह है। इस संग्रह में समाज की वास्तविक समस्याओं, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक विषमताओं, नारी-जीवन, गरीबी, शोषण और मानवीय संघर्ष का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया है। निराला ने अपनी कहानियों में यथार्थवाद, करुणा और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया है।
इस संग्रह की कहानियों में साधारण पात्रों के माध्यम से असाधारण जीवन-संघर्ष को दर्शाया गया है। लेखक ने जाति-पाँति, ऊँच-नीच, रूढ़ियों, आर्थिक असमानता और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं पर तीखा प्रहार किया है। उनकी कहानियों के पात्र कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान, सत्य, मानवता और नैतिक मूल्यों का पालन करने का प्रयास करते हैं। निराला की भाषा सरल, संवेदनशील और प्रभावपूर्ण है, जिससे उनकी रचनाएँ पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करती हैं।
यह संग्रह केवल कहानी-साहित्य का संकलन नहीं, बल्कि उस समय के भारतीय समाज का सजीव दस्तावेज़ भी है। इसमें लेखक की प्रगतिशील दृष्टि, मानवीय करुणा और सामाजिक सुधार की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
संदेश: निराला की संपूर्ण कहानियाँ का मूल संदेश है कि समाज में समानता, मानवता, न्याय और आत्मसम्मान की स्थापना ही वास्तविक प्रगति का आधार है। मनुष्य को जाति, वर्ग और रूढ़ियों से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा और नैतिकता के मार्ग पर चलना चाहिए।
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