Author: Rabindranath Tagore
Nauvan Geet(नौवाँ गीत)
'नौवाँ गीत' रवीन्द्रनाथ ठाकुर की एक भावप्रधान काव्य-कृति है, जिसमें प्रेम, आध्यात्मिकता, प्रकृति और ईश्वर के प्रति मानव की आस्था का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया है। इस रचना में कवि ने मनुष्य के अंतर्मन की भावनाओं, आत्मचिंतन और जीवन के गहरे सत्य को सरल तथा प्रतीकात्मक शैली में अभिव्यक्त किया है।
कविता में कवि जीवन को ईश्वर का अनुपम उपहार मानते हुए मानव को प्रेम, विनम्रता और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। वे बताते हैं कि सच्चा सुख बाहरी वैभव या भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, करुणा और ईश्वर के प्रति समर्पण में निहित है। प्रकृति के विविध रूपों के माध्यम से कवि जीवन की सुंदरता और सृष्टि की व्यापकता का अनुभव कराते हैं।
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की भाषा अत्यंत सरल, मधुर, संगीतात्मक और भावपूर्ण है। उन्होंने गहरे दार्शनिक विचारों को भी सहज रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे यह रचना पाठकों के हृदय को स्पर्श करती है। कविता मनुष्य को अहंकार त्यागकर प्रेम, सत्य और मानवता को अपनाने का संदेश देती है।
'नौवाँ गीत' केवल एक काव्य-रचना नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रेरक संदेश है। यह पाठकों को आत्मिक विकास, प्रेम और विश्व-बंधुत्व की भावना अपनाने की प्रेरणा प्रदान करती है।
Stock In
₹ 160.00
₹199
Inclusive of all taxes
ISBN : 978-93-7670-734-8
-
1
Warranty
-
1 Guarantee
-
COD Avilable
-
Returnable
-
cancelable
Publication: Kitabking
Description:
'नौवाँ गीत' रवीन्द्रनाथ ठाकुर की एक भावप्रधान काव्य-कृति है, जिसमें प्रेम, आध्यात्मिकता, प्रकृति और ईश्वर के प्रति मानव की आस्था का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया है। इस रचना में कवि ने मनुष्य के अंतर्मन की भावनाओं, आत्मचिंतन और जीवन के गहरे सत्य को सरल तथा प्रतीकात्मक शैली में अभिव्यक्त किया है।
कविता में कवि जीवन को ईश्वर का अनुपम उपहार मानते हुए मानव को प्रेम, विनम्रता और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। वे बताते हैं कि सच्चा सुख बाहरी वैभव या भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, करुणा और ईश्वर के प्रति समर्पण में निहित है। प्रकृति के विविध रूपों के माध्यम से कवि जीवन की सुंदरता और सृष्टि की व्यापकता का अनुभव कराते हैं।
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की भाषा अत्यंत सरल, मधुर, संगीतात्मक और भावपूर्ण है। उन्होंने गहरे दार्शनिक विचारों को भी सहज रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे यह रचना पाठकों के हृदय को स्पर्श करती है। कविता मनुष्य को अहंकार त्यागकर प्रेम, सत्य और मानवता को अपनाने का संदेश देती है।
'नौवाँ गीत' केवल एक काव्य-रचना नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रेरक संदेश है। यह पाठकों को आत्मिक विकास, प्रेम और विश्व-बंधुत्व की भावना अपनाने की प्रेरणा प्रदान करती है।
Submit a Review
0 Review Of Product Nauvan Geet(नौवाँ गीत)