Author: Premchand
Mansarovar-6(मानसरोवर भाग–6)
मानसरोवर भाग–6 प्रेमचंद की ऐसी कहानियों का संग्रह है, जिनमें मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों का गहन चित्रण मिलता है। इस भाग की कहानियाँ गरीबी, किसान जीवन, पारिवारिक संबंधों, स्त्री-सम्मान, सामाजिक विषमता और न्याय जैसे विषयों पर आधारित हैं। लेखक समाज के कमजोर वर्गों की पीड़ा को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हैं और यह संदेश देते हैं कि सच्ची महानता धन या पद में नहीं, बल्कि मानवता, सत्य और सेवा की भावना में निहित है। कहानियों के पात्र संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों और आत्मसम्मान को बनाए रखने का प्रयास करते हैं। प्रेमचंद की यथार्थवादी दृष्टि और सरल भाषा इस संग्रह को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है। मानसरोवर भाग–6 पाठकों को सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं के महत्व का बोध कराते हुए जीवन को अधिक सकारात्मक दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है।
Stock In
₹ 249.00
₹349
Inclusive of all taxes
ISBN : 9789393434937
-
1
Warranty
-
1 Guarantee
-
COD Avilable
-
Returnable
-
cancelable
Publication: Divyansh Publications
Description:
मानसरोवर भाग–6 प्रेमचंद की ऐसी कहानियों का संग्रह है, जिनमें मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों का गहन चित्रण मिलता है। इस भाग की कहानियाँ गरीबी, किसान जीवन, पारिवारिक संबंधों, स्त्री-सम्मान, सामाजिक विषमता और न्याय जैसे विषयों पर आधारित हैं। लेखक समाज के कमजोर वर्गों की पीड़ा को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हैं और यह संदेश देते हैं कि सच्ची महानता धन या पद में नहीं, बल्कि मानवता, सत्य और सेवा की भावना में निहित है। कहानियों के पात्र संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों और आत्मसम्मान को बनाए रखने का प्रयास करते हैं। प्रेमचंद की यथार्थवादी दृष्टि और सरल भाषा इस संग्रह को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है। मानसरोवर भाग–6 पाठकों को सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं के महत्व का बोध कराते हुए जीवन को अधिक सकारात्मक दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है।
Submit a Review
0 Review Of Product Mansarovar-6(मानसरोवर भाग–6)