Lambi Kavitayein(लम्बी कविताएँ)

लम्बी कविताएँ' सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की महत्वपूर्ण काव्य-कृति है, जिसमें उनकी प्रसिद्ध दीर्घ कविताओं का संकलन प्रस्तुत किया गया है। इन कविताओं में भारतीय संस्कृति, सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय भावना, मानवतावाद, प्रकृति-प्रेम और जीवन-दर्शन का व्यापक एवं गहन चित्रण मिलता है। निराला ने अपनी विशिष्ट काव्य-शैली के माध्यम से व्यक्ति और समाज के अनेक पक्षों को संवेदनशीलता तथा ओज के साथ अभिव्यक्त किया है।

इस संकलन की कविताओं में अन्याय, शोषण, रूढ़िवाद, सामाजिक असमानता और मानवीय पीड़ा के विरुद्ध सशक्त स्वर सुनाई देता है। साथ ही, कवि सत्य, स्वतंत्रता, परिश्रम, करुणा और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों की स्थापना करता है। उनकी कविताओं में प्रकृति का सौंदर्य, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और मानव जीवन के संघर्षों का सजीव चित्रण भी मिलता है।

निराला की भाषा ओजपूर्ण, भावप्रधान, प्रतीकात्मक और कलात्मक है। वे अपने बिंबों और प्रतीकों के माध्यम से गहरे जीवन-सत्य को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करते हैं। उनकी कविताएँ पाठकों को केवल सौंदर्य-बोध ही नहीं करातीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और आत्मचिंतन की प्रेरणा भी देती हैं।

'लम्बी कविताएँ' हिन्दी काव्य की एक महत्वपूर्ण कृति है, जो निराला की प्रगतिशील दृष्टि, मानवीय संवेदना और काव्य-कौशल का उत्कृष्ट परिचय देती है। यह संग्रह पाठकों को जीवन, समाज और मानव मूल्यों को व्यापक दृष्टि से समझने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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ISBN : 978-93-7670-426-2

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Publication: Kitabking
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लम्बी कविताएँ' सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की महत्वपूर्ण काव्य-कृति है, जिसमें उनकी प्रसिद्ध दीर्घ कविताओं का संकलन प्रस्तुत किया गया है। इन कविताओं में भारतीय संस्कृति, सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय भावना, मानवतावाद, प्रकृति-प्रेम और जीवन-दर्शन का व्यापक एवं गहन चित्रण मिलता है। निराला ने अपनी विशिष्ट काव्य-शैली के माध्यम से व्यक्ति और समाज के अनेक पक्षों को संवेदनशीलता तथा ओज के साथ अभिव्यक्त किया है।

इस संकलन की कविताओं में अन्याय, शोषण, रूढ़िवाद, सामाजिक असमानता और मानवीय पीड़ा के विरुद्ध सशक्त स्वर सुनाई देता है। साथ ही, कवि सत्य, स्वतंत्रता, परिश्रम, करुणा और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों की स्थापना करता है। उनकी कविताओं में प्रकृति का सौंदर्य, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और मानव जीवन के संघर्षों का सजीव चित्रण भी मिलता है।

निराला की भाषा ओजपूर्ण, भावप्रधान, प्रतीकात्मक और कलात्मक है। वे अपने बिंबों और प्रतीकों के माध्यम से गहरे जीवन-सत्य को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करते हैं। उनकी कविताएँ पाठकों को केवल सौंदर्य-बोध ही नहीं करातीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और आत्मचिंतन की प्रेरणा भी देती हैं।

'लम्बी कविताएँ' हिन्दी काव्य की एक महत्वपूर्ण कृति है, जो निराला की प्रगतिशील दृष्टि, मानवीय संवेदना और काव्य-कौशल का उत्कृष्ट परिचय देती है। यह संग्रह पाठकों को जीवन, समाज और मानव मूल्यों को व्यापक दृष्टि से समझने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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Suryakant Tripathi Nirala

Suryakant Tripathi \'Nirala\' हिन्दी साहित्य के छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक थे। वे महान कवि, उपन्यासकार, निबंधकार और कहानीकार थे। उनकी रचनाओं में मानवता, सामाजिक चेतना, स्वतंत्रता, करुणा और विद्रोह की भावना का सशक्त चित्रण मिलता है। उन्होंने हिन्दी कविता को नई भाषा, नवीन शिल्प और स्वतंत्र अभिव्यक्ति प्रदान की। उनकी प्रमुख कृतियों में परिमल, अनामिका, सरोज स्मृति और राम की शक्ति पूजा विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। सरल, संवेदनशील और ओजस्वी लेखन के कारण निराला हिन्दी साहित्य के सर्वाधिक प्रभावशाली रचनाकारों में गिने जाते हैं और आज भी उनकी रचनाएँ पाठकों को प्रेरित करती हैं।
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