Author: Acharya Chatursen Shastri
Keemiyan(कीमिया)
'कीमिया' आचार्य चतुरसेन शास्त्री की एक विचारप्रधान एवं रोचक कृति है, जिसमें मानवीय स्वभाव, ज्ञान, लालसा, नैतिकता और आत्मविकास के विभिन्न पक्षों का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। पुस्तक का मूल संदेश यह है कि मनुष्य का वास्तविक उत्थान बाहरी धन-संपत्ति या चमत्कारों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक, परिश्रम और चरित्र-निर्माण से होता है।
कथा में ऐसे पात्रों का चित्रण है जो जीवन में सफलता, शक्ति और सुख की खोज में अनेक मार्ग अपनाते हैं। इस यात्रा के दौरान वे लालच, मोह, स्वार्थ और नैतिक संघर्षों का सामना करते हैं। धीरे-धीरे उन्हें अनुभव होता है कि स्थायी सफलता केवल सत्य, ईमानदारी और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होती है। लेखक ने मानवीय संबंधों, सामाजिक मूल्यों और आत्मचिंतन को अत्यंत संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया है।
आचार्य चतुरसेन अपनी प्रभावशाली भाषा और गहन जीवन-दृष्टि के माध्यम से बताते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी 'कीमिया' मनुष्य का उत्तम चरित्र, सदाचार और विवेक है। यही गुण व्यक्ति को सम्मान, शांति और वास्तविक सुख प्रदान करते हैं।
'कीमिया' केवल मनोरंजक कथा नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा, आत्मपरिष्कार और मानवीय मूल्यों का संदेश देने वाली प्रेरणादायक कृति है। यह पाठकों को सिखाती है कि जीवन का वास्तविक परिवर्तन भीतर से प्रारंभ होता है।
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ISBN : 978-81-996879-7-4
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Publication: Kitabking
Description:
'कीमिया' आचार्य चतुरसेन शास्त्री की एक विचारप्रधान एवं रोचक कृति है, जिसमें मानवीय स्वभाव, ज्ञान, लालसा, नैतिकता और आत्मविकास के विभिन्न पक्षों का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। पुस्तक का मूल संदेश यह है कि मनुष्य का वास्तविक उत्थान बाहरी धन-संपत्ति या चमत्कारों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक, परिश्रम और चरित्र-निर्माण से होता है।
कथा में ऐसे पात्रों का चित्रण है जो जीवन में सफलता, शक्ति और सुख की खोज में अनेक मार्ग अपनाते हैं। इस यात्रा के दौरान वे लालच, मोह, स्वार्थ और नैतिक संघर्षों का सामना करते हैं। धीरे-धीरे उन्हें अनुभव होता है कि स्थायी सफलता केवल सत्य, ईमानदारी और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होती है। लेखक ने मानवीय संबंधों, सामाजिक मूल्यों और आत्मचिंतन को अत्यंत संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया है।
आचार्य चतुरसेन अपनी प्रभावशाली भाषा और गहन जीवन-दृष्टि के माध्यम से बताते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी 'कीमिया' मनुष्य का उत्तम चरित्र, सदाचार और विवेक है। यही गुण व्यक्ति को सम्मान, शांति और वास्तविक सुख प्रदान करते हैं।
'कीमिया' केवल मनोरंजक कथा नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा, आत्मपरिष्कार और मानवीय मूल्यों का संदेश देने वाली प्रेरणादायक कृति है। यह पाठकों को सिखाती है कि जीवन का वास्तविक परिवर्तन भीतर से प्रारंभ होता है।
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