Author: Premchand
Kaidi(कैदी)
कैदी' मुंशी प्रेमचंद की एक मार्मिक सामाजिक रचना है, जिसमें मनुष्य के जीवन, स्वतंत्रता, न्याय और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। इस कृति के माध्यम से प्रेमचंद ने यह दिखाया है कि कैद केवल जेल की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक अन्याय, गरीबी, रूढ़ियों और मानसिक बंधनों में जकड़ा व्यक्ति भी एक प्रकार का कैदी होता है।
कहानी में लेखक ने एक ऐसे पात्र के जीवन को प्रस्तुत किया है, जो परिस्थितियों के कारण अपराध और दंड के चक्र में फँस जाता है। जेल में रहते हुए वह अपने अतीत, अपने कर्मों और समाज की वास्तविकताओं पर विचार करता है। उसे यह अनुभव होता है कि मनुष्य से भूल हो सकती है, परंतु पश्चाताप, आत्मचिंतन और सुधार की भावना उसे नया जीवन दे सकती है।
प्रेमचंद ने इस रचना के माध्यम से न्याय व्यवस्था, सामाजिक असमानता और मानवीय करुणा के महत्व को उजागर किया है। उनका संदेश है कि अपराधी से घृणा करने के बजाय उसके सुधार का अवसर देना समाज का कर्तव्य है। लेखक की सरल, संवेदनशील और यथार्थवादी शैली इस कथा को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है।
'कैदी' मानवता, आत्मपरिवर्तन और सामाजिक न्याय का संदेश देने वाली प्रेरक रचना है। यह पाठकों को करुणा, क्षमा, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के महत्व का बोध कराती है।
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ISBN : 978-93-7670-532-0
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Publication: Kitabking
Description:
कैदी' मुंशी प्रेमचंद की एक मार्मिक सामाजिक रचना है, जिसमें मनुष्य के जीवन, स्वतंत्रता, न्याय और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। इस कृति के माध्यम से प्रेमचंद ने यह दिखाया है कि कैद केवल जेल की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक अन्याय, गरीबी, रूढ़ियों और मानसिक बंधनों में जकड़ा व्यक्ति भी एक प्रकार का कैदी होता है।
कहानी में लेखक ने एक ऐसे पात्र के जीवन को प्रस्तुत किया है, जो परिस्थितियों के कारण अपराध और दंड के चक्र में फँस जाता है। जेल में रहते हुए वह अपने अतीत, अपने कर्मों और समाज की वास्तविकताओं पर विचार करता है। उसे यह अनुभव होता है कि मनुष्य से भूल हो सकती है, परंतु पश्चाताप, आत्मचिंतन और सुधार की भावना उसे नया जीवन दे सकती है।
प्रेमचंद ने इस रचना के माध्यम से न्याय व्यवस्था, सामाजिक असमानता और मानवीय करुणा के महत्व को उजागर किया है। उनका संदेश है कि अपराधी से घृणा करने के बजाय उसके सुधार का अवसर देना समाज का कर्तव्य है। लेखक की सरल, संवेदनशील और यथार्थवादी शैली इस कथा को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है।
'कैदी' मानवता, आत्मपरिवर्तन और सामाजिक न्याय का संदेश देने वाली प्रेरक रचना है। यह पाठकों को करुणा, क्षमा, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के महत्व का बोध कराती है।
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