Author: William Shakespear
Jaisa Tum Chaho(जैसा तुम चाहो)
"जैसा तुम चाहो" William Shakespeare की प्रसिद्ध हास्य-प्रधान नाट्यकृति है। यह नाटक प्रेम, मित्रता, प्रकृति, क्षमा और आत्म-पहचान जैसे विषयों पर आधारित है। इसकी मुख्य पात्र रोज़लिंड अपने पिता ड्यूक सीनियर के राज्य से निर्वासित होने के बाद अपनी चचेरी बहन सीलिया के साथ आर्डेन वन में शरण लेती है। सुरक्षा के लिए रोज़लिंड पुरुष का वेश धारण कर गैनिमीड नाम रखती है।
उधर, वीर युवक ऑरलैंडो, अपने बड़े भाई के अत्याचार से परेशान होकर उसी वन में पहुँचता है। ऑरलैंडो पहले से ही रोज़लिंड से प्रेम करता है, किंतु उसे उसके वेश का पता नहीं होता। गैनिमीड बने हुए रोज़लिंड, ऑरलैंडो के प्रेम की परीक्षा लेने के लिए उससे प्रेम-संबंधी संवाद करती है। इस दौरान कई अन्य पात्रों के बीच भी प्रेम और हास्य से भरपूर घटनाएँ घटती हैं।
अंततः सभी भ्रम दूर हो जाते हैं। रोज़लिंड अपनी वास्तविक पहचान प्रकट करती है और उसका विवाह ऑरलैंडो से हो जाता है। अन्य प्रेमी युगलों का भी मिलन होता है तथा निर्वासित ड्यूक को उसका राज्य वापस मिल जाता है।
यह नाटक सिखाता है कि सच्चा प्रेम विश्वास, धैर्य और ईमानदारी पर आधारित होता है। साथ ही यह संदेश देता है कि क्षमा, उदारता और प्रकृति के निकट जीवन मनुष्य को आत्मिक शांति और सच्चे सुख की ओर ले जाते हैं। इसी कारण "जैसा तुम चाहो" शेक्सपीयर की सबसे लोकप्रिय और मनोरंजक हास्य रचनाओं में गिनी जाती है।
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ISBN : 978-93-7670-318-0
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Publication: Kitabking
Description:
"जैसा तुम चाहो" William Shakespeare की प्रसिद्ध हास्य-प्रधान नाट्यकृति है। यह नाटक प्रेम, मित्रता, प्रकृति, क्षमा और आत्म-पहचान जैसे विषयों पर आधारित है। इसकी मुख्य पात्र रोज़लिंड अपने पिता ड्यूक सीनियर के राज्य से निर्वासित होने के बाद अपनी चचेरी बहन सीलिया के साथ आर्डेन वन में शरण लेती है। सुरक्षा के लिए रोज़लिंड पुरुष का वेश धारण कर गैनिमीड नाम रखती है।
उधर, वीर युवक ऑरलैंडो, अपने बड़े भाई के अत्याचार से परेशान होकर उसी वन में पहुँचता है। ऑरलैंडो पहले से ही रोज़लिंड से प्रेम करता है, किंतु उसे उसके वेश का पता नहीं होता। गैनिमीड बने हुए रोज़लिंड, ऑरलैंडो के प्रेम की परीक्षा लेने के लिए उससे प्रेम-संबंधी संवाद करती है। इस दौरान कई अन्य पात्रों के बीच भी प्रेम और हास्य से भरपूर घटनाएँ घटती हैं।
अंततः सभी भ्रम दूर हो जाते हैं। रोज़लिंड अपनी वास्तविक पहचान प्रकट करती है और उसका विवाह ऑरलैंडो से हो जाता है। अन्य प्रेमी युगलों का भी मिलन होता है तथा निर्वासित ड्यूक को उसका राज्य वापस मिल जाता है।
यह नाटक सिखाता है कि सच्चा प्रेम विश्वास, धैर्य और ईमानदारी पर आधारित होता है। साथ ही यह संदेश देता है कि क्षमा, उदारता और प्रकृति के निकट जीवन मनुष्य को आत्मिक शांति और सच्चे सुख की ओर ले जाते हैं। इसी कारण "जैसा तुम चाहो" शेक्सपीयर की सबसे लोकप्रिय और मनोरंजक हास्य रचनाओं में गिनी जाती है।
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