Author: Acharya Chatursen Shastri
Hridaya ki Parakh(हृदय की परख)
'हृदय की परख' आचार्य चतुरसेन शास्त्री का एक मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक उपन्यास है, जिसमें मानवीय भावनाओं, प्रेम, त्याग, विश्वास और चरित्र की गहराइयों का सजीव चित्रण किया गया है। लेखक ने यह दर्शाया है कि किसी व्यक्ति का वास्तविक मूल्य उसके बाहरी रूप, धन या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके हृदय की पवित्रता, संवेदनशीलता और सदाचार से आँका जाना चाहिए।
उपन्यास की कथा विभिन्न पात्रों के जीवन-संघर्ष, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक परिस्थितियों के माध्यम से आगे बढ़ती है। अनेक कठिन परिस्थितियों में पात्रों के चरित्र, धैर्य, निष्ठा और मानवीय गुणों की परीक्षा होती है। इन अनुभवों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि सच्चा प्रेम, ईमानदारी, करुणा और विश्वास ही जीवन के सबसे बड़े आधार हैं।
आचार्य चतुरसेन ने सरल, प्रभावशाली और भावपूर्ण भाषा में मानव-स्वभाव की जटिलताओं तथा रिश्तों की संवेदनशीलता का चित्रण किया है। यह उपन्यास पाठकों को आत्मचिंतन करने, दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
'हृदय की परख' केवल एक प्रेम या सामाजिक कथा नहीं, बल्कि मानव-चरित्र, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं का गहन अध्ययन है। यह कृति पाठकों को यह संदेश देती है कि जीवन में बाहरी सफलता से अधिक महत्व सच्चे चरित्र, प्रेम और मानवता का है।
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ISBN : 978-93-7670-920-5
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Publication: Kitabking
Description:
'हृदय की परख' आचार्य चतुरसेन शास्त्री का एक मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक उपन्यास है, जिसमें मानवीय भावनाओं, प्रेम, त्याग, विश्वास और चरित्र की गहराइयों का सजीव चित्रण किया गया है। लेखक ने यह दर्शाया है कि किसी व्यक्ति का वास्तविक मूल्य उसके बाहरी रूप, धन या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके हृदय की पवित्रता, संवेदनशीलता और सदाचार से आँका जाना चाहिए।
उपन्यास की कथा विभिन्न पात्रों के जीवन-संघर्ष, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक परिस्थितियों के माध्यम से आगे बढ़ती है। अनेक कठिन परिस्थितियों में पात्रों के चरित्र, धैर्य, निष्ठा और मानवीय गुणों की परीक्षा होती है। इन अनुभवों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि सच्चा प्रेम, ईमानदारी, करुणा और विश्वास ही जीवन के सबसे बड़े आधार हैं।
आचार्य चतुरसेन ने सरल, प्रभावशाली और भावपूर्ण भाषा में मानव-स्वभाव की जटिलताओं तथा रिश्तों की संवेदनशीलता का चित्रण किया है। यह उपन्यास पाठकों को आत्मचिंतन करने, दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
'हृदय की परख' केवल एक प्रेम या सामाजिक कथा नहीं, बल्कि मानव-चरित्र, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं का गहन अध्ययन है। यह कृति पाठकों को यह संदेश देती है कि जीवन में बाहरी सफलता से अधिक महत्व सच्चे चरित्र, प्रेम और मानवता का है।
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