Author: Tarun Prakash
Geet Yug(गीत युग)
गीत युग तरुण प्रकाश द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है, जिसमें हिंदी गीत परंपरा के विकास, स्वरूप और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया गया है। लेखक ने गीत को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानकर मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और समाज की चेतना का सशक्त माध्यम बताया है। पुस्तक में विभिन्न कालों के गीतों की विशेषताओं, उनकी भाषा, शैली, भाव-सौंदर्य और विषय-विविधता का संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रेम, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, मानवीय संबंध, सामाजिक परिवर्तन और आध्यात्मिक चेतना जैसे विषयों को गीतों के माध्यम से अभिव्यक्त करने की परंपरा पर प्रकाश डाला गया है। लेखक ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय के साथ गीतों की भाषा, शिल्प और विषयों में परिवर्तन आया, फिर भी उनकी मूल संवेदना और संगीतात्मकता आज भी अक्षुण्ण बनी हुई है। गीत युग पाठकों को हिंदी गीत साहित्य की समृद्ध परंपरा, उसके विकासक्रम तथा प्रमुख प्रवृत्तियों से परिचित कराती है। यह कृति साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा गीत-साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। साथ ही यह पुस्तक गीतों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और जीवन के सौंदर्य को समझने की प्रेरणा प्रदान करती है।
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ISBN : 9789393434005
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SKU: GY-P-DIV
Publication: Divyansh Publication
Description:
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गीत युग तरुण प्रकाश द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है, जिसमें हिंदी गीत परंपरा के विकास, स्वरूप और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया गया है। लेखक ने गीत को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानकर मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और समाज की चेतना का सशक्त माध्यम बताया है। पुस्तक में विभिन्न कालों के गीतों की विशेषताओं, उनकी भाषा, शैली, भाव-सौंदर्य और विषय-विविधता का संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रेम, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, मानवीय संबंध, सामाजिक परिवर्तन और आध्यात्मिक चेतना जैसे विषयों को गीतों के माध्यम से अभिव्यक्त करने की परंपरा पर प्रकाश डाला गया है। लेखक ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय के साथ गीतों की भाषा, शिल्प और विषयों में परिवर्तन आया, फिर भी उनकी मूल संवेदना और संगीतात्मकता आज भी अक्षुण्ण बनी हुई है। गीत युग पाठकों को हिंदी गीत साहित्य की समृद्ध परंपरा, उसके विकासक्रम तथा प्रमुख प्रवृत्तियों से परिचित कराती है। यह कृति साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा गीत-साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। साथ ही यह पुस्तक गीतों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और जीवन के सौंदर्य को समझने की प्रेरणा प्रदान करती है।
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