Author: Tarun Prakash
Geet Gita(गीत गीता)
गीत गीता तरुण प्रकाश द्वारा रचित एक प्रेरणादायक कृति है, जिसमें श्रीमद्भगवद्गीता के प्रमुख उपदेशों को सरल, सहज और काव्यात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य गीता के गूढ़ दार्शनिक सिद्धांतों को सामान्य पाठकों तक सरल भाषा में पहुँचाना है। लेखक ने कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, आत्मविश्वास, आत्मसंयम, कर्तव्यपालन और निष्काम कर्म जैसे विषयों को जीवनोपयोगी दृष्टि से स्पष्ट किया है। पुस्तक में बताया गया है कि मनुष्य को परिस्थितियों से घबराने के बजाय धैर्य, विवेक और आत्मबल के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
लेखक ने यह भी समझाया है कि सफलता और असफलता जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। इसलिए फल की चिंता छोड़कर ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर्म करना ही श्रेष्ठ मार्ग है। पुस्तक में आत्मा की अमरता, मन पर नियंत्रण, सकारात्मक सोच और ईश्वर के प्रति श्रद्धा का महत्व भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। सरल भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण गीता के गहन संदेश सहज रूप से समझ में आते हैं।
गीत गीता केवल धार्मिक विचारों का संकलन नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक जीवन-दर्शन प्रस्तुत करने वाली प्रेरक कृति है। यह पाठकों को नैतिक जीवन, आत्मविकास, मानसिक संतुलन, कर्तव्यनिष्ठा और मानव कल्याण की भावना अपनाने की प्रेरणा देती है तथा यह संदेश देती है कि ज्ञान, कर्म और भक्ति के समन्वय से जीवन को सफल, सार्थक और आनंदमय बनाया जा सकता है।
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ISBN : 9789393434081
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Publication: Divyansh Publication
Description:
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गीत गीता तरुण प्रकाश द्वारा रचित एक प्रेरणादायक कृति है, जिसमें श्रीमद्भगवद्गीता के प्रमुख उपदेशों को सरल, सहज और काव्यात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य गीता के गूढ़ दार्शनिक सिद्धांतों को सामान्य पाठकों तक सरल भाषा में पहुँचाना है। लेखक ने कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, आत्मविश्वास, आत्मसंयम, कर्तव्यपालन और निष्काम कर्म जैसे विषयों को जीवनोपयोगी दृष्टि से स्पष्ट किया है। पुस्तक में बताया गया है कि मनुष्य को परिस्थितियों से घबराने के बजाय धैर्य, विवेक और आत्मबल के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
लेखक ने यह भी समझाया है कि सफलता और असफलता जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। इसलिए फल की चिंता छोड़कर ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर्म करना ही श्रेष्ठ मार्ग है। पुस्तक में आत्मा की अमरता, मन पर नियंत्रण, सकारात्मक सोच और ईश्वर के प्रति श्रद्धा का महत्व भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। सरल भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण गीता के गहन संदेश सहज रूप से समझ में आते हैं।
गीत गीता केवल धार्मिक विचारों का संकलन नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक जीवन-दर्शन प्रस्तुत करने वाली प्रेरक कृति है। यह पाठकों को नैतिक जीवन, आत्मविकास, मानसिक संतुलन, कर्तव्यनिष्ठा और मानव कल्याण की भावना अपनाने की प्रेरणा देती है तथा यह संदेश देती है कि ज्ञान, कर्म और भक्ति के समन्वय से जीवन को सफल, सार्थक और आनंदमय बनाया जा सकता है।
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