Geet Samay(गीत समय)

'गीत समय' तरुण प्रकाश का एक संवेदनशील और विचारोत्तेजक गीत-संग्रह है, जिसमें समकालीन जीवन, मानवीय संबंधों, प्रकृति, प्रेम, संघर्ष, सामाजिक विषमताओं तथा बदलते समय की विडंबनाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया है। इस संग्रह के गीत केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि समाज और व्यक्ति के अंतर्द्वंद्व का सजीव दस्तावेज भी हैं। कवि ने सरल, मधुर और प्रवाहपूर्ण भाषा के माध्यम से जीवन के विविध रंगों को स्वर दिया है। उनके गीतों में आशा, करुणा, प्रेम, मानवीय संवेदना तथा बेहतर भविष्य की आकांक्षा स्पष्ट दिखाई देती है। संग्रह में समय की चुनौतियों, नैतिक मूल्यों के क्षरण, मानवीय रिश्तों में बढ़ती दूरियों और सामाजिक असमानताओं पर भी गंभीर चिंतन मिलता है। साथ ही, कवि निराशा के बीच भी सकारात्मक दृष्टि अपनाने और जीवन में विश्वास बनाए रखने का संदेश देते हैं। प्रकृति के मनोहारी चित्र, लोकजीवन की सहजता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना भी इन गीतों की महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं। 'गीत समय' अपने सहज शिल्प, मधुर लय, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सामाजिक सरोकारों के कारण पाठकों को गहराई से प्रभावित करता है। यह संग्रह गीत विधा की परंपरा को समृद्ध करते हुए पाठकों को जीवन, समाज और समय के प्रति संवेदनशील तथा जागरूक बनने की प्रेरणा देता है।

 
 

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ISBN : 9789393434760

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Publication: Divyansh Publication
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'गीत समय' तरुण प्रकाश का एक संवेदनशील और विचारोत्तेजक गीत-संग्रह है, जिसमें समकालीन जीवन, मानवीय संबंधों, प्रकृति, प्रेम, संघर्ष, सामाजिक विषमताओं तथा बदलते समय की विडंबनाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया है। इस संग्रह के गीत केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि समाज और व्यक्ति के अंतर्द्वंद्व का सजीव दस्तावेज भी हैं। कवि ने सरल, मधुर और प्रवाहपूर्ण भाषा के माध्यम से जीवन के विविध रंगों को स्वर दिया है। उनके गीतों में आशा, करुणा, प्रेम, मानवीय संवेदना तथा बेहतर भविष्य की आकांक्षा स्पष्ट दिखाई देती है। संग्रह में समय की चुनौतियों, नैतिक मूल्यों के क्षरण, मानवीय रिश्तों में बढ़ती दूरियों और सामाजिक असमानताओं पर भी गंभीर चिंतन मिलता है। साथ ही, कवि निराशा के बीच भी सकारात्मक दृष्टि अपनाने और जीवन में विश्वास बनाए रखने का संदेश देते हैं। प्रकृति के मनोहारी चित्र, लोकजीवन की सहजता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना भी इन गीतों की महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं। 'गीत समय' अपने सहज शिल्प, मधुर लय, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सामाजिक सरोकारों के कारण पाठकों को गहराई से प्रभावित करता है। यह संग्रह गीत विधा की परंपरा को समृद्ध करते हुए पाठकों को जीवन, समाज और समय के प्रति संवेदनशील तथा जागरूक बनने की प्रेरणा देता है।

 
 

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Tarun Prakash

\'तरुण प्रकाश\' एक समर्थ रचनाकार हैं। एक ही समय में उनमें साहित्य की अनेक विधायें व क्षेत्र उपस्थित हैं और\r\nउनके सृजन का हर फोल्ड बेजोड़ है। वे जब गद्य रचते हैं तो \'मध्यांतर\' (कथा साहित्य), साइंस ऑफ मनी (नान-\r\nफिक्शन) व \'माइंड एंड मनी\' (नान-फिक्शन) जैसी कृतियाँ सामने आती हैं और जब पद्य रचते हैं तो \'मैं असहमत हूँ व\r\n\'हवा के खिलाफ़\' (ग़ज़ल-संग्रह), \'गीत-उत्सव\', \'गीत-पर्व\' व \'गीत-युग\' (गीत-संग्रह) व \'द्वीप के उस पार\' (नई कविता)\r\nजैसी कृतियाँ उपस्थित होती हैं। व्यवसाय से वे एक कुशल एडवोकेट व लॉ फर्म ओनर हैं। वे आई.सी.एन. डिजिटल\r\nमीडिया ग्रुप के सीनियर एक्जीक्यूटिव एडीटर व ट्रस्ट के वायस चेयरमैन भी हैं।
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