Author: Mahatma Leo Tolstoy
Dharma Kya Hai(धर्म क्या है)
'धर्म क्या है?' महान रूसी साहित्यकार महात्मा टॉलस्टॉय की एक विचारोत्तेजक कृति है, जिसमें उन्होंने धर्म के वास्तविक स्वरूप को सरल और तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया है। टॉलस्टॉय के अनुसार धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ, कर्मकांड या किसी विशेष संप्रदाय का पालन करना नहीं है, बल्कि सत्य, प्रेम, करुणा, अहिंसा और मानव-सेवा के मार्ग पर चलना ही सच्चा धर्म है।
पुस्तक में लेखक बताते हैं कि सभी धर्मों का मूल उद्देश्य मनुष्य को नैतिक, सदाचारी और संवेदनशील बनाना है। वे अंधविश्वास, धार्मिक आडंबर और हिंसा का विरोध करते हुए आत्मचिंतन, आत्मसंयम तथा ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था पर बल देते हैं। टॉलस्टॉय का मानना है कि जो व्यक्ति दूसरों के प्रति प्रेम, दया और न्याय का व्यवहार करता है, वही वास्तव में धार्मिक है।
यह कृति पाठकों को बाहरी दिखावे से ऊपर उठकर अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देती है। लेखक स्पष्ट करते हैं कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन में शांति, नैतिकता और विश्व-बंधुत्व की स्थापना करना है। इस प्रकार 'धर्म क्या है?' केवल धार्मिक विचारों की पुस्तक नहीं, बल्कि मानवता, नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन का मार्गदर्शन करने वाली प्रेरणादायक कृति है।
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ISBN : 978-93-7670-091-2
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Publication: Kitabking
Description:
'धर्म क्या है?' महान रूसी साहित्यकार महात्मा टॉलस्टॉय की एक विचारोत्तेजक कृति है, जिसमें उन्होंने धर्म के वास्तविक स्वरूप को सरल और तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया है। टॉलस्टॉय के अनुसार धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ, कर्मकांड या किसी विशेष संप्रदाय का पालन करना नहीं है, बल्कि सत्य, प्रेम, करुणा, अहिंसा और मानव-सेवा के मार्ग पर चलना ही सच्चा धर्म है।
पुस्तक में लेखक बताते हैं कि सभी धर्मों का मूल उद्देश्य मनुष्य को नैतिक, सदाचारी और संवेदनशील बनाना है। वे अंधविश्वास, धार्मिक आडंबर और हिंसा का विरोध करते हुए आत्मचिंतन, आत्मसंयम तथा ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था पर बल देते हैं। टॉलस्टॉय का मानना है कि जो व्यक्ति दूसरों के प्रति प्रेम, दया और न्याय का व्यवहार करता है, वही वास्तव में धार्मिक है।
यह कृति पाठकों को बाहरी दिखावे से ऊपर उठकर अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देती है। लेखक स्पष्ट करते हैं कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन में शांति, नैतिकता और विश्व-बंधुत्व की स्थापना करना है। इस प्रकार 'धर्म क्या है?' केवल धार्मिक विचारों की पुस्तक नहीं, बल्कि मानवता, नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन का मार्गदर्शन करने वाली प्रेरणादायक कृति है।
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