Author: Nilesh Sharma
Mister Iritating(मिस्टर इरिटेटिंग)
'मिस्टर इरिटेटिंग' निलेश शर्मा का एक भावनात्मक कॉलेज-आधारित प्रेम उपन्यास है, जो एकतरफा प्रेम, दोस्ती, त्याग और आत्मविश्वास की कहानी प्रस्तुत करता है। उपन्यास का मुख्य पात्र अनंत बनारस का एक सरल, संस्कारी और भावुक युवक है, जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लखनऊ आता है। कॉलेज में उसकी मुलाकात आशी से होती है और पहली ही नज़र में वह उससे प्रेम करने लगता है। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती तो हो जाती है, लेकिन अनंत अपने प्रेम का इज़हार करने का साहस नहीं जुटा पाता। बाद में उसे पता चलता है कि आशी पहले से ही किसी और से प्रेम करती है और अनंत के भोलेपन तथा व्यवहार के कारण उसे केवल "मिस्टर इरिटेटिंग" समझती है। यह सच्चाई अनंत को भीतर तक तोड़ देती है।
इसी बीच अनंत की मुलाकात कॉलेज की सीनियर काव्या से होती है। काव्या आत्मविश्वासी, निडर और संवेदनशील युवती है, जो हर परिस्थिति में अनंत का साथ देती है। वह अनंत के दुःख को समझती है और उसे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। धीरे-धीरे उनके बीच गहरा भावनात्मक संबंध विकसित होता है, किंतु अनंत अपने पहले प्रेम की यादों से बाहर नहीं निकल पाता। दूसरी ओर काव्या बिना किसी स्वार्थ के उसके सुख और सफलता के लिए हर कठिनाई का सामना करती है। यही संघर्ष कहानी को भावनात्मक गहराई प्रदान करता है।
उपन्यास यह प्रश्न उठाता है कि क्या पहला प्रेम ही जीवन का अंतिम प्रेम होता है, क्या केवल प्रेम करना पर्याप्त है, और क्या सच्चा प्रेम उम्र या परिस्थितियों का मोहताज होता है। लेखक ने युवाओं की भावनाओं, कॉलेज जीवन की मित्रता, प्रेम की उलझनों और आत्मसम्मान के महत्व को सरल एवं प्रवाहपूर्ण भाषा में चित्रित किया है। 'मिस्टर इरिटेटिंग' केवल प्रेम-कथा नहीं, बल्कि आत्मविकास, धैर्य, त्याग और सच्चे रिश्तों के महत्व को समझाने वाला प्रेरक उपन्यास है, जो पाठकों को यह संदेश देता है कि सच्चा प्रेम अधिकार नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और समर्पण का नाम है।
Stock In
₹ 249.00
₹399
Inclusive of all taxes
ISBN : 9789384657949
-
1
Warranty
-
1 Guarantee
-
COD Avilable
-
Returnable
-
cancelable
Publication: Divyansh Publication
Description:
'मिस्टर इरिटेटिंग' निलेश शर्मा का एक भावनात्मक कॉलेज-आधारित प्रेम उपन्यास है, जो एकतरफा प्रेम, दोस्ती, त्याग और आत्मविश्वास की कहानी प्रस्तुत करता है। उपन्यास का मुख्य पात्र अनंत बनारस का एक सरल, संस्कारी और भावुक युवक है, जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लखनऊ आता है। कॉलेज में उसकी मुलाकात आशी से होती है और पहली ही नज़र में वह उससे प्रेम करने लगता है। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती तो हो जाती है, लेकिन अनंत अपने प्रेम का इज़हार करने का साहस नहीं जुटा पाता। बाद में उसे पता चलता है कि आशी पहले से ही किसी और से प्रेम करती है और अनंत के भोलेपन तथा व्यवहार के कारण उसे केवल "मिस्टर इरिटेटिंग" समझती है। यह सच्चाई अनंत को भीतर तक तोड़ देती है।
इसी बीच अनंत की मुलाकात कॉलेज की सीनियर काव्या से होती है। काव्या आत्मविश्वासी, निडर और संवेदनशील युवती है, जो हर परिस्थिति में अनंत का साथ देती है। वह अनंत के दुःख को समझती है और उसे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। धीरे-धीरे उनके बीच गहरा भावनात्मक संबंध विकसित होता है, किंतु अनंत अपने पहले प्रेम की यादों से बाहर नहीं निकल पाता। दूसरी ओर काव्या बिना किसी स्वार्थ के उसके सुख और सफलता के लिए हर कठिनाई का सामना करती है। यही संघर्ष कहानी को भावनात्मक गहराई प्रदान करता है।
उपन्यास यह प्रश्न उठाता है कि क्या पहला प्रेम ही जीवन का अंतिम प्रेम होता है, क्या केवल प्रेम करना पर्याप्त है, और क्या सच्चा प्रेम उम्र या परिस्थितियों का मोहताज होता है। लेखक ने युवाओं की भावनाओं, कॉलेज जीवन की मित्रता, प्रेम की उलझनों और आत्मसम्मान के महत्व को सरल एवं प्रवाहपूर्ण भाषा में चित्रित किया है। 'मिस्टर इरिटेटिंग' केवल प्रेम-कथा नहीं, बल्कि आत्मविकास, धैर्य, त्याग और सच्चे रिश्तों के महत्व को समझाने वाला प्रेरक उपन्यास है, जो पाठकों को यह संदेश देता है कि सच्चा प्रेम अधिकार नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और समर्पण का नाम है।
Submit a Review
0 Review Of Product Mister Iritating(मिस्टर इरिटेटिंग)