Author: Rahul Sankrityayan
Meri Tibbat Yatra(मेरी तिब्बत यात्रा)
'मेरी तिब्बत यात्रा' राहुल सांकृत्यायन का प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें उन्होंने तिब्बत की अपनी रोमांचक, कठिन और ज्ञानवर्धक यात्रा का सजीव चित्रण किया है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना नहीं था, बल्कि तिब्बत में सुरक्षित प्राचीन भारतीय बौद्ध ग्रंथों और ऐतिहासिक पांडुलिपियों की खोज, उनका अध्ययन तथा उन्हें भारत तक पहुँचाना भी था। यह पुस्तक लेखक की साहसिक प्रवृत्ति, ज्ञान-पिपासा और शोध-निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
यात्रा के दौरान लेखक दुर्गम हिमालयी मार्गों, ऊँचे बर्फीले पर्वतों, तीव्र ठंड, कठिन दर्रों और अनेक प्राकृतिक बाधाओं का सामना करते हैं। अनेक कठिनाइयों के बावजूद वे अपने उद्देश्य से विचलित नहीं होते। तिब्बत के मठों, लामाओं, स्थानीय निवासियों, उनकी धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों, रहन-सहन, भोजन, वेशभूषा और सामाजिक जीवन का उन्होंने अत्यंत रोचक एवं यथार्थ चित्रण किया है। तिब्बती संस्कृति की सादगी, आध्यात्मिकता और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध को भी लेखक ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
इस यात्रा में राहुल सांकृत्यायन अनेक दुर्लभ संस्कृत एवं बौद्ध ग्रंथों का संग्रह करते हैं, जिनका भारतीय इतिहास, दर्शन और बौद्ध अध्ययन में अत्यंत महत्त्व है। वे यह स्पष्ट करते हैं कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का बड़ा भाग तिब्बत के मठों में सुरक्षित रहा है। इसलिए उनका यह अभियान केवल व्यक्तिगत यात्रा न होकर भारतीय ज्ञान-परंपरा के संरक्षण का ऐतिहासिक प्रयास भी बन जाता है।
यह कृति केवल यात्रा-वर्णन नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, भूगोल, धर्म और मानव सभ्यता का जीवंत दस्तावेज़ है। सरल, प्रवाहपूर्ण और चित्रात्मक भाषा पाठकों को ऐसा अनुभव कराती है मानो वे स्वयं लेखक के साथ तिब्बत की यात्रा कर रहे हों। 'मेरी तिब्बत यात्रा' साहस, जिज्ञासा, शोध-भावना, सांस्कृतिक चेतना और ज्ञान-साधना का प्रेरक ग्रंथ है, जो हिंदी यात्रा-साहित्य की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है।
Stock In
₹ 249.00
₹399
Inclusive of all taxes
ISBN : 9789393434715
-
1
Warranty
-
1 Guarantee
-
COD Avilable
-
Returnable
-
cancelable
Publication: Divyansh Publications
Description:
'मेरी तिब्बत यात्रा' राहुल सांकृत्यायन का प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें उन्होंने तिब्बत की अपनी रोमांचक, कठिन और ज्ञानवर्धक यात्रा का सजीव चित्रण किया है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना नहीं था, बल्कि तिब्बत में सुरक्षित प्राचीन भारतीय बौद्ध ग्रंथों और ऐतिहासिक पांडुलिपियों की खोज, उनका अध्ययन तथा उन्हें भारत तक पहुँचाना भी था। यह पुस्तक लेखक की साहसिक प्रवृत्ति, ज्ञान-पिपासा और शोध-निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
यात्रा के दौरान लेखक दुर्गम हिमालयी मार्गों, ऊँचे बर्फीले पर्वतों, तीव्र ठंड, कठिन दर्रों और अनेक प्राकृतिक बाधाओं का सामना करते हैं। अनेक कठिनाइयों के बावजूद वे अपने उद्देश्य से विचलित नहीं होते। तिब्बत के मठों, लामाओं, स्थानीय निवासियों, उनकी धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों, रहन-सहन, भोजन, वेशभूषा और सामाजिक जीवन का उन्होंने अत्यंत रोचक एवं यथार्थ चित्रण किया है। तिब्बती संस्कृति की सादगी, आध्यात्मिकता और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध को भी लेखक ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
इस यात्रा में राहुल सांकृत्यायन अनेक दुर्लभ संस्कृत एवं बौद्ध ग्रंथों का संग्रह करते हैं, जिनका भारतीय इतिहास, दर्शन और बौद्ध अध्ययन में अत्यंत महत्त्व है। वे यह स्पष्ट करते हैं कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का बड़ा भाग तिब्बत के मठों में सुरक्षित रहा है। इसलिए उनका यह अभियान केवल व्यक्तिगत यात्रा न होकर भारतीय ज्ञान-परंपरा के संरक्षण का ऐतिहासिक प्रयास भी बन जाता है।
यह कृति केवल यात्रा-वर्णन नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, भूगोल, धर्म और मानव सभ्यता का जीवंत दस्तावेज़ है। सरल, प्रवाहपूर्ण और चित्रात्मक भाषा पाठकों को ऐसा अनुभव कराती है मानो वे स्वयं लेखक के साथ तिब्बत की यात्रा कर रहे हों। 'मेरी तिब्बत यात्रा' साहस, जिज्ञासा, शोध-भावना, सांस्कृतिक चेतना और ज्ञान-साधना का प्रेरक ग्रंथ है, जो हिंदी यात्रा-साहित्य की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है।
Submit a Review
0 Review Of Product Meri Tibbat Yatra(मेरी तिब्बत यात्रा)