Author: Chanakya
Sampurna Chanakya Neeti(संपूर्ण चाणक्य नीति)
चाणक्य द्वारा रचित चाणक्य नीति जीवन, समाज, राजनीति, धन, शिक्षा, मित्रता, परिवार और व्यवहार से जुड़े व्यावहारिक सिद्धांतों का संग्रह है। इसमें मनुष्य को जीवन में सफलता, सम्मान और सुख प्राप्त करने के लिए बुद्धिमानी, विवेक और आत्मसंयम अपनाने की प्रेरणा दी गई है। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्ति उसका ज्ञान और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता है। वे शिक्षा को ऐसा धन मानते हैं जिसे कोई चुरा नहीं सकता और जो विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य का साथ देता है। वे व्यक्ति को सदैव अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने, आलस्य से बचने और परिस्थितियों को समझकर कार्य करने की सलाह देते हैं।
चाणक्य नीति में मित्र और शत्रु की पहचान पर भी विशेष जोर दिया गया है। चाणक्य के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान संकट के समय होती है, जबकि स्वार्थी व्यक्ति सुख के समय साथ रहता है और कठिन समय में दूर हो जाता है। वे अत्यधिक विश्वास करने और अपनी व्यक्तिगत योजनाओं या रहस्यों को हर किसी के सामने प्रकट करने से सावधान करते हैं। धन के विषय में वे संयम, बचत और दूरदर्शिता को आवश्यक मानते हैं तथा बताते हैं कि विपत्ति के समय संचित धन व्यक्ति के काम आता है। परिवार और समाज में अच्छे चरित्र, मधुर वाणी और उचित व्यवहार को महत्वपूर्ण माना गया है।
चाणक्य मनुष्य को क्रोध, लोभ, अहंकार, लालच और अत्यधिक मोह जैसी कमजोरियों पर नियंत्रण रखने की शिक्षा देते हैं। उनका मानना है कि व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और सीमाओं को पहचानकर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। शासक और नेतृत्वकर्ता के लिए न्याय, प्रजा की सुरक्षा, योग्य लोगों का सम्मान और दूरदर्शी निर्णय आवश्यक बताए गए हैं। चाणक्य नीति का मूल संदेश यही है कि जीवन में सफलता केवल भाग्य से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, विवेक, परिश्रम, सही संगति और समयानुकूल निर्णयों से प्राप्त होती है।
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ISBN : 9789380089836
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Publication: Divyansh Publication
Description:
चाणक्य द्वारा रचित चाणक्य नीति जीवन, समाज, राजनीति, धन, शिक्षा, मित्रता, परिवार और व्यवहार से जुड़े व्यावहारिक सिद्धांतों का संग्रह है। इसमें मनुष्य को जीवन में सफलता, सम्मान और सुख प्राप्त करने के लिए बुद्धिमानी, विवेक और आत्मसंयम अपनाने की प्रेरणा दी गई है। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्ति उसका ज्ञान और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता है। वे शिक्षा को ऐसा धन मानते हैं जिसे कोई चुरा नहीं सकता और जो विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य का साथ देता है। वे व्यक्ति को सदैव अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने, आलस्य से बचने और परिस्थितियों को समझकर कार्य करने की सलाह देते हैं।
चाणक्य नीति में मित्र और शत्रु की पहचान पर भी विशेष जोर दिया गया है। चाणक्य के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान संकट के समय होती है, जबकि स्वार्थी व्यक्ति सुख के समय साथ रहता है और कठिन समय में दूर हो जाता है। वे अत्यधिक विश्वास करने और अपनी व्यक्तिगत योजनाओं या रहस्यों को हर किसी के सामने प्रकट करने से सावधान करते हैं। धन के विषय में वे संयम, बचत और दूरदर्शिता को आवश्यक मानते हैं तथा बताते हैं कि विपत्ति के समय संचित धन व्यक्ति के काम आता है। परिवार और समाज में अच्छे चरित्र, मधुर वाणी और उचित व्यवहार को महत्वपूर्ण माना गया है।
चाणक्य मनुष्य को क्रोध, लोभ, अहंकार, लालच और अत्यधिक मोह जैसी कमजोरियों पर नियंत्रण रखने की शिक्षा देते हैं। उनका मानना है कि व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और सीमाओं को पहचानकर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। शासक और नेतृत्वकर्ता के लिए न्याय, प्रजा की सुरक्षा, योग्य लोगों का सम्मान और दूरदर्शी निर्णय आवश्यक बताए गए हैं। चाणक्य नीति का मूल संदेश यही है कि जीवन में सफलता केवल भाग्य से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, विवेक, परिश्रम, सही संगति और समयानुकूल निर्णयों से प्राप्त होती है।
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