Author: Dr I P Singh
Sarthak Vradhavasta(सार्थक वृद्धावस्था)
प्रस्तुत पुस्तक वृद्धावस्था में स्वस्थ रहने, शान्ति एवं सुखपूर्वक जीवन निर्वाह के उपाय वर्णित करने के उद्देश्य से लिखी गई है। यह पुस्तक वृद्धावस्था के लिए तथा वृद्धावस्था को
समझने के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। यदि आप पचास वर्ष की उम्र पार चुके हैं तो इस पुस्तक को अवश्य पढ़ें। वास्तव में यह पुस्तक युवाओं के लिए भी उपयोगी है, यह सही समय है इस पुस्तक से लाभान्वित होने का, क्योंकि वृद्धावस्था के सुख की नींव यौवनकाल में ही रखी जा सकती है। इस पुस्तक में बताया गया है कि यौवनकाल में आपका रहन सहन, दिनचर्या, आहार, विचार कैसा होना चाहिए जिससे कि वृद्धावस्था को सुखमय तरीके से गुजारा जा सके। वृद्धावस्था क्या है? क्या हमको वृद्धावस्था से घबराना चाहिए? नहीं, हमको जीवन की इस अवस्था के प्रति सकारात्मक सोच रखनी चाहिए तथा इस अवस्था को अधिक से अधिक सार्थक बनाने सम्बंधी उपयोगी बातों को जानने का कोई भी अवसर नहीं गैँवाना चाहिए। इस पुस्तक में वृद्धावस्था की संभावित समस्यायें, होने वाली बीमारियों एवं उनसे बचने के उपाय तथा इन बीमारियों में खान-पान, उपचार आदि की जानकारी दी गई है, साथ ही दीघार्यु प्राप्त करने के उपाय एवं जीवन के अन्तिम चरण को सुखद, स्वस्थ, आनंदमय एवं सार्थक बनाने हेतु महत्त्वपूर्ण जानकारी दी गयी है।
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ISBN : 9789380089683
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Publication: Divyansh Publications
Description:
प्रस्तुत पुस्तक वृद्धावस्था में स्वस्थ रहने, शान्ति एवं सुखपूर्वक जीवन निर्वाह के उपाय वर्णित करने के उद्देश्य से लिखी गई है। यह पुस्तक वृद्धावस्था के लिए तथा वृद्धावस्था को
समझने के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। यदि आप पचास वर्ष की उम्र पार चुके हैं तो इस पुस्तक को अवश्य पढ़ें। वास्तव में यह पुस्तक युवाओं के लिए भी उपयोगी है, यह सही समय है इस पुस्तक से लाभान्वित होने का, क्योंकि वृद्धावस्था के सुख की नींव यौवनकाल में ही रखी जा सकती है। इस पुस्तक में बताया गया है कि यौवनकाल में आपका रहन सहन, दिनचर्या, आहार, विचार कैसा होना चाहिए जिससे कि वृद्धावस्था को सुखमय तरीके से गुजारा जा सके। वृद्धावस्था क्या है? क्या हमको वृद्धावस्था से घबराना चाहिए? नहीं, हमको जीवन की इस अवस्था के प्रति सकारात्मक सोच रखनी चाहिए तथा इस अवस्था को अधिक से अधिक सार्थक बनाने सम्बंधी उपयोगी बातों को जानने का कोई भी अवसर नहीं गैँवाना चाहिए। इस पुस्तक में वृद्धावस्था की संभावित समस्यायें, होने वाली बीमारियों एवं उनसे बचने के उपाय तथा इन बीमारियों में खान-पान, उपचार आदि की जानकारी दी गई है, साथ ही दीघार्यु प्राप्त करने के उपाय एवं जीवन के अन्तिम चरण को सुखद, स्वस्थ, आनंदमय एवं सार्थक बनाने हेतु महत्त्वपूर्ण जानकारी दी गयी है।
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