Kishore Manovishleshan(किशोर मनोविश्लेषण)

'किशोर मनोविश्लेषण' डॉ. सत्य सिंह द्वारा लिखित एक उपयोगी और विचारपूर्ण पुस्तक है, जिसमें किशोरावस्था के मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और सामाजिक पक्षों का सरल एवं वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया है कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत संवेदनशील चरण है, जहाँ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर अनेक परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण किशोरों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, असुरक्षा, तनाव, आकर्षण, विद्रोह और पहचान बनाने की इच्छा जैसी भावनाएँ विकसित होती हैं। पुस्तक में अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की भूमिका पर विशेष बल देते हुए यह समझाया गया है कि उचित मार्गदर्शन, संवाद, स्नेह और विश्वास के माध्यम से किशोरों के व्यक्तित्व का सकारात्मक विकास किया जा सकता है। लेखक ने आधुनिक जीवनशैली, डिजिटल माध्यमों, साथियों के प्रभाव, नैतिक मूल्यों और शिक्षा से जुड़े अनेक पहलुओं पर भी संतुलित विचार प्रस्तुत किए हैं। पुस्तक यह संदेश देती है कि किशोरों को केवल अनुशासन से नहीं, बल्कि संवेदनशील व्यवहार, प्रेरणा और सही दिशा देकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाया जा सकता है। 'किशोर मनोविश्लेषण' अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा मनोविज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी पुस्तक है, जो किशोर मन को समझने और उनके सर्वांगीण विकास में प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करती है।

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ISBN : 9789389245738

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Publication: Divyansh Publicaton
Description:

'किशोर मनोविश्लेषण' डॉ. सत्य सिंह द्वारा लिखित एक उपयोगी और विचारपूर्ण पुस्तक है, जिसमें किशोरावस्था के मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और सामाजिक पक्षों का सरल एवं वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया है कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत संवेदनशील चरण है, जहाँ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर अनेक परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण किशोरों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, असुरक्षा, तनाव, आकर्षण, विद्रोह और पहचान बनाने की इच्छा जैसी भावनाएँ विकसित होती हैं। पुस्तक में अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की भूमिका पर विशेष बल देते हुए यह समझाया गया है कि उचित मार्गदर्शन, संवाद, स्नेह और विश्वास के माध्यम से किशोरों के व्यक्तित्व का सकारात्मक विकास किया जा सकता है। लेखक ने आधुनिक जीवनशैली, डिजिटल माध्यमों, साथियों के प्रभाव, नैतिक मूल्यों और शिक्षा से जुड़े अनेक पहलुओं पर भी संतुलित विचार प्रस्तुत किए हैं। पुस्तक यह संदेश देती है कि किशोरों को केवल अनुशासन से नहीं, बल्कि संवेदनशील व्यवहार, प्रेरणा और सही दिशा देकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाया जा सकता है। 'किशोर मनोविश्लेषण' अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा मनोविज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी पुस्तक है, जो किशोर मन को समझने और उनके सर्वांगीण विकास में प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करती है।

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Dr Satya Singh

Dr. Satya Singh is an Indian educationist, researcher, and author known for writing on education, child development, and psychology. Through his books, he presents educational concepts in a simple, practical, and student-friendly manner. His works focus on child psychology, teaching methodologies, and educational development, making them valuable for B.Ed., D.El.Ed., CTET, TET, and other teacher education students. His writing combines theoretical knowledge with practical insights, helping readers understand the psychological and developmental aspects of children effectively.
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