Kabir Amrit Vani(कबीर अमृत वाणी)

कबीर अमृत वाणी संत कबीर दास की अमूल्य वाणियों, दोहों और साखियों का प्रेरणादायक संग्रह है, जिसमें आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानवीय जीवन के गहन सत्य सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से सत्य, प्रेम, करुणा, सदाचार, आत्मज्ञान और ईश्वर-भक्ति का संदेश दिया है। वे बाहरी आडंबर, अंधविश्वास, जात-पात, धार्मिक कट्टरता और कर्मकांड का विरोध करते हुए मन की पवित्रता और सच्चे आचरण को सर्वोपरि मानते हैं। उनके अनुसार ईश्वर की प्राप्ति मंदिर, मस्जिद या बाहरी अनुष्ठानों से नहीं, बल्कि निष्कपट हृदय, सच्चे कर्म और आत्मचिंतन से होती है। इस कृति में कबीर के दोहे जीवन की वास्तविकताओं, समय के महत्व, सत्संग, गुरु की महिमा, आत्मसंयम और मानवता की शिक्षा देते हैं। वे मनुष्य को लोभ, अहंकार, क्रोध और मोह जैसी बुराइयों से दूर रहकर प्रेम, विनम्रता और सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उनकी वाणी आज भी सामाजिक समरसता, समानता और नैतिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। कबीर अमृत वाणी केवल दोहों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। यह कृति पाठकों को आत्मविकास, सत्यनिष्ठा, सहिष्णुता और मानवता के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती है तथा सरल, सच्चे और सार्थक जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।

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ISBN : 9789380089508

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Publication: Divyansh Publication
Description:
कबीर अमृत वाणी संत कबीर दास की अमूल्य वाणियों, दोहों और साखियों का प्रेरणादायक संग्रह है, जिसमें आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानवीय जीवन के गहन सत्य सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से सत्य, प्रेम, करुणा, सदाचार, आत्मज्ञान और ईश्वर-भक्ति का संदेश दिया है। वे बाहरी आडंबर, अंधविश्वास, जात-पात, धार्मिक कट्टरता और कर्मकांड का विरोध करते हुए मन की पवित्रता और सच्चे आचरण को सर्वोपरि मानते हैं। उनके अनुसार ईश्वर की प्राप्ति मंदिर, मस्जिद या बाहरी अनुष्ठानों से नहीं, बल्कि निष्कपट हृदय, सच्चे कर्म और आत्मचिंतन से होती है। इस कृति में कबीर के दोहे जीवन की वास्तविकताओं, समय के महत्व, सत्संग, गुरु की महिमा, आत्मसंयम और मानवता की शिक्षा देते हैं। वे मनुष्य को लोभ, अहंकार, क्रोध और मोह जैसी बुराइयों से दूर रहकर प्रेम, विनम्रता और सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उनकी वाणी आज भी सामाजिक समरसता, समानता और नैतिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। कबीर अमृत वाणी केवल दोहों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। यह कृति पाठकों को आत्मविकास, सत्यनिष्ठा, सहिष्णुता और मानवता के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती है तथा सरल, सच्चे और सार्थक जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।

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Sant Kabir Das

कबीरदास भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संत, कवि एवं समाज सुधारक थे। उन्होंने अपने दोहों और साखियों के माध्यम से मानवता, प्रेम, समानता तथा ईश्वर-भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पांति, आडंबर और धार्मिक कट्टरता का विरोध किया तथा सत्य, सदाचार और आत्मज्ञान पर बल दिया। उनकी रचनाएँ सरल, प्रभावशाली और जनभाषा में होने के कारण आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं तथा भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर मानी जाती हैं।
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