Author: Naval Kant Sinha
Gumnaam Hindu Raja Tikait Rai(गुमनाम हिंदू राजा टिकैत राय)
'गुमनाम हिंदू राजा टिकैत राय' नवलकांत सिन्हा द्वारा लिखित एक ऐतिहासिक कृति है, जिसमें अवध के प्रसिद्ध प्रशासक, समाजसेवी और दानवीर राजा टिकैत राय के जीवन, व्यक्तित्व और योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक का उद्देश्य भारतीय इतिहास के उस महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को सामने लाना है, जिसका योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण होने के बावजूद इतिहास के मुख्य प्रवाह में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया।
पुस्तक के अनुसार, राजा टिकैत राय अवध के नवाबी शासन में उच्च प्रशासनिक पद पर कार्यरत थे। अपनी योग्यता, ईमानदारी, दूरदर्शिता और कुशल प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्होंने नवाबों का विश्वास अर्जित किया। उन्होंने शासन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनकल्याण के अनेक कार्य किए। शिक्षा, धर्म, जल-संरक्षण, सड़कों, सरायों, मंदिरों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। वे सभी धर्मों और समुदायों के प्रति समान सम्मान की भावना रखते थे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के पक्षधर थे।
लेखक ने पुस्तक में उस समय के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश का भी सजीव चित्रण किया है। इससे पाठक अवध के इतिहास, नवाबी शासन और तत्कालीन प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। पुस्तक यह भी दर्शाती है कि राजा टिकैत राय ने सत्ता का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा और जनहित के लिए किया। उनकी उदारता, दानशीलता और न्यायप्रियता ने उन्हें जनता के बीच अत्यंत सम्मानित बनाया।
'गुमनाम हिंदू राजा टिकैत राय' केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के एक उपेक्षित अध्याय को उजागर करने का प्रयास है। नवलकांत सिन्हा ने ऐतिहासिक तथ्यों, उपलब्ध स्रोतों और रोचक शैली के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि अनेक ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जिन्होंने समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, परंतु उन्हें पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी। यह पुस्तक इतिहास, संस्कृति और समाज में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक कृति है।
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ISBN : 9789393434845
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Publication: Divyansh Publications
Description:
'गुमनाम हिंदू राजा टिकैत राय' नवलकांत सिन्हा द्वारा लिखित एक ऐतिहासिक कृति है, जिसमें अवध के प्रसिद्ध प्रशासक, समाजसेवी और दानवीर राजा टिकैत राय के जीवन, व्यक्तित्व और योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक का उद्देश्य भारतीय इतिहास के उस महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को सामने लाना है, जिसका योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण होने के बावजूद इतिहास के मुख्य प्रवाह में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया।
पुस्तक के अनुसार, राजा टिकैत राय अवध के नवाबी शासन में उच्च प्रशासनिक पद पर कार्यरत थे। अपनी योग्यता, ईमानदारी, दूरदर्शिता और कुशल प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्होंने नवाबों का विश्वास अर्जित किया। उन्होंने शासन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनकल्याण के अनेक कार्य किए। शिक्षा, धर्म, जल-संरक्षण, सड़कों, सरायों, मंदिरों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। वे सभी धर्मों और समुदायों के प्रति समान सम्मान की भावना रखते थे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के पक्षधर थे।
लेखक ने पुस्तक में उस समय के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश का भी सजीव चित्रण किया है। इससे पाठक अवध के इतिहास, नवाबी शासन और तत्कालीन प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। पुस्तक यह भी दर्शाती है कि राजा टिकैत राय ने सत्ता का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा और जनहित के लिए किया। उनकी उदारता, दानशीलता और न्यायप्रियता ने उन्हें जनता के बीच अत्यंत सम्मानित बनाया।
'गुमनाम हिंदू राजा टिकैत राय' केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के एक उपेक्षित अध्याय को उजागर करने का प्रयास है। नवलकांत सिन्हा ने ऐतिहासिक तथ्यों, उपलब्ध स्रोतों और रोचक शैली के माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि अनेक ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जिन्होंने समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, परंतु उन्हें पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी। यह पुस्तक इतिहास, संस्कृति और समाज में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक कृति है।
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