Bhagat Singh Ki Jail Diary(भगत सिंह की जेल डायरी)

भगत सिंह की जेल डायरी भारतीय क्रांतिकारी भगत सिंह के विचारों, अध्ययन, आत्मचिंतन और वैचारिक परिपक्वता का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह डायरी उनके कारावास के दौरान लिखे गए नोट्स, उद्धरणों, टिप्पणियों और विभिन्न दार्शनिक, राजनीतिक तथा सामाजिक विषयों पर उनके चिंतन का संग्रह है। इसमें उन्होंने कार्ल मार्क्स, लेनिन, रूसो, टॉल्स्टॉय, बर्ट्रेंड रसेल, थॉमस पेन और अन्य महान विचारकों के विचारों का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता, समानता, न्याय और मानवाधिकार जैसे विषयों पर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया है। डायरी से ज्ञात होता है कि भगत सिंह केवल साहसी क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि गहन अध्ययनशील, तार्किक और संवेदनशील चिंतक भी थे। वे अंधविश्वास, सामाजिक विषमता, शोषण और सांप्रदायिकता के विरोधी थे तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन के समर्थक थे। उनके विचारों में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ मानवता, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। वे मानते थे कि वास्तविक स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी जब समाज से आर्थिक, सामाजिक और मानसिक गुलामी समाप्त होगी। भगत सिंह की जेल डायरी केवल व्यक्तिगत टिप्पणियों का संकलन नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी मस्तिष्क की वैचारिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज है। यह कृति पाठकों को देशभक्ति, विवेक, अध्ययन, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देती है तथा न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश प्रदान करती है।

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ISBN : 9789389245851

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Publication: Divyansh Publication
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भगत सिंह की जेल डायरी भारतीय क्रांतिकारी भगत सिंह के विचारों, अध्ययन, आत्मचिंतन और वैचारिक परिपक्वता का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह डायरी उनके कारावास के दौरान लिखे गए नोट्स, उद्धरणों, टिप्पणियों और विभिन्न दार्शनिक, राजनीतिक तथा सामाजिक विषयों पर उनके चिंतन का संग्रह है। इसमें उन्होंने कार्ल मार्क्स, लेनिन, रूसो, टॉल्स्टॉय, बर्ट्रेंड रसेल, थॉमस पेन और अन्य महान विचारकों के विचारों का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता, समानता, न्याय और मानवाधिकार जैसे विषयों पर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया है। डायरी से ज्ञात होता है कि भगत सिंह केवल साहसी क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि गहन अध्ययनशील, तार्किक और संवेदनशील चिंतक भी थे। वे अंधविश्वास, सामाजिक विषमता, शोषण और सांप्रदायिकता के विरोधी थे तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन के समर्थक थे। उनके विचारों में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ मानवता, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। वे मानते थे कि वास्तविक स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी जब समाज से आर्थिक, सामाजिक और मानसिक गुलामी समाप्त होगी। भगत सिंह की जेल डायरी केवल व्यक्तिगत टिप्पणियों का संकलन नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी मस्तिष्क की वैचारिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज है। यह कृति पाठकों को देशभक्ति, विवेक, अध्ययन, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देती है तथा न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश प्रदान करती है।

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Bhagat Singh

Bhagat Singh (1907–1931) was one of the most courageous and influential revolutionaries of India\'s freedom struggle against British rule. Known for his patriotism, bravery, and sacrifice, he inspired millions of Indians through his fight for independence. Along with his fellow revolutionaries, he carried out several actions against the British government to protest oppression and injustice. Bhagat Singh was executed at the age of 23, but his ideals and dedication to the nation continue to inspire generations. He is remembered as a symbol of courage, patriotism, and selfless sacrifice.\r\n
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